अबूझमाड़ के बीहड़ों में ‘सेवा संकल्प’ की अलख : पीएम जनमन एमएमयू बनी अंतिम व्यक्ति की संजीवनी…..

रायपुर: सघन वन, ऊंचे-नीचे पहाड़ और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से घिरा छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले का ‘अबूझमाड़’ अंचल अब बदलाव की एक नई इबारत लिख रहा है। जहाँ कभी अस्पताल पहुंचना ग्रामीणों के लिए एक कठिन चुनौती हुआ करता था, वही आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं उम्मीद की नई किरण बनकर पहुंची हैं। नारायणपुर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान’ (PM JANMAN) की मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) दूरस्थ वनांचल में रहने वाले आदिवासियों के जीवन में स्वास्थ्य और विश्वास का संचार कर रही है।

​01 जनवरी से 07 सितंबर 2026 के बीच पीएम जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट ने नारायणपुर और ओरछा विकासखंड के अत्यंत दूरस्थ गांवों में कुल 315 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए। इस दौरान 7,093 जरूरतमंद ग्रामीणों तक निशुल्क जांच, इलाज और परामर्श की सुविधा पहुंचाई गई, जिनमें 6,944 हितग्राही विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) के शामिल हैं।

​इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि ग्रामीणों को एक ही स्थान पर जांच से लेकर इलाज तक की संपूर्ण सुविधा मिली। शिविरों के माध्यम से 5,440 डायग्नोस्टिक टेस्ट, 3,744 हाइपरटेंशन स्क्रीनिंग (जिसमें 3,663 PVTG), 1,685 मलेरिया एवं डेंगू जांच तथा 1,683 डायबिटीज जांच (1,651 PVTG) संपन्न की गईं। इसके साथ ही सिकल सेल की 1,136 जांचों में 1,118 PVTG ग्रामीण लाभान्वित हुए। महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए 1,457 ग्रामीणों की एनीमिया जांच की गई, 1,179 लोगों को आयरन-फोलिक एसिड सप्लीमेंट दिया गया और 244 गर्भवती महिलाओं को एएनसी सेवाएं प्रदान की गईं। टीबी और नेत्र स्वास्थ्य जांच के अलावा गंभीर स्थिति वाले 39 मरीजों को तत्काल पहचान कर उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया गया।

​एमएमयू ने अस्पताल और मरीज के बीच की भौगोलिक दूरी को मिटाकर स्वास्थ्य सेवाओं को सीधे आदिवासियों के घर-द्वार तक पहुँचा दिया है। इससे ग्रामीणों के समय, श्रम और धन की भारी बचत हो रही है तथा बीपी, शुगर और सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान कर उनका त्वरित इलाज संभव हो पा रहा है।

प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। अबूझमाड़ के ग्रामीणों ने अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की इस सुलभ पहुंच के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ केवल एक चिकित्सीय प्रक्रिया न होकर संवेदनशीलता और समर्पण का वह आधार बन चुका है, जो बस्तर के सुदूर वनांचल को एक स्वस्थ और सशक्त भविष्य की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।